होली की छुटि्टयों के बाद खुलते ही भामाशाह मंडी में सोमवार को एक साथ 1.15 लाख बोरी गेहूं आ गया। जो इस सीजन का सबसे अधिक है। इतनी ज्यादा आवक से गेहूं के भाव गिर गए। सरकार ने समर्थन मूल्य 1525 रुपए निर्धारित किया है।
बारिश से किसानों को डर
जबकि सोमवार को गेहूं के भाव 1401 रुपए से 1500 तक ही मिले। इतनी ज्यादा आवक हो जाने से मंडी समिति ने मंगलवार को दोपहर 2 से रात 10 बजे तक मंडी परिसर का गेट बंद रखने की घोषणा की है।बारिश न खराब कर दे गेहूं, इसी की जल्दी किसानों को डर है कि यदि बारिश आ गई तो खेतों में खड़ी या खेतों में रखी कटी हुई फसल खराब हो जाएगी। इसलिए, वे जल्दी से जल्दी उसे मंडी में पहुंचा रहे हैं।
गेहूं की बढ़ रही आवक
मंडी समिति की चेयरमैन चौधरी बाई ने कहा मंडी में गेहूं की लगातार आवक बढ़ रही है। लेकिन, समर्थन मूल्य पर अभी तक खरीद की कोई तैयारी नहीं है। न हैंडलिंग एजेंट के टेंडर हुए हैं और न कांटे लगे हैं। अभी तक टोकन बंटना भी शुरू नहीं हुए। ऐसे में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद के प्रति किसानों को आशंका है।
पूर्व चेयरमैन ने क्या कहा
सेन्ट्रल कॉ -ऑपरेटिव बैंक के पूर्व वाइस चेयरमैन नरेन्द्र मोहन गौतम, किसान नेता चौथमल धाकड़ ने बताया कि एक ओर से सरकार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देती है, दूसरी ओर सरकार की विरोधाभासी नीतियों के कारण समर्थन मूल्य की खरीद 1 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की गई है। किसानों के पास ऐसे में दो ही विकल्प हैं या तो वह फसली कर्ज चुकाने के लिए साहूकार के चुंगल में फंसे या फिर अपनी फसल कौड़ियों के दाम बेच दें।
बारिश से किसानों को डर
जबकि सोमवार को गेहूं के भाव 1401 रुपए से 1500 तक ही मिले। इतनी ज्यादा आवक हो जाने से मंडी समिति ने मंगलवार को दोपहर 2 से रात 10 बजे तक मंडी परिसर का गेट बंद रखने की घोषणा की है।बारिश न खराब कर दे गेहूं, इसी की जल्दी किसानों को डर है कि यदि बारिश आ गई तो खेतों में खड़ी या खेतों में रखी कटी हुई फसल खराब हो जाएगी। इसलिए, वे जल्दी से जल्दी उसे मंडी में पहुंचा रहे हैं।
गेहूं की बढ़ रही आवक
मंडी समिति की चेयरमैन चौधरी बाई ने कहा मंडी में गेहूं की लगातार आवक बढ़ रही है। लेकिन, समर्थन मूल्य पर अभी तक खरीद की कोई तैयारी नहीं है। न हैंडलिंग एजेंट के टेंडर हुए हैं और न कांटे लगे हैं। अभी तक टोकन बंटना भी शुरू नहीं हुए। ऐसे में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद के प्रति किसानों को आशंका है।
पूर्व चेयरमैन ने क्या कहा
सेन्ट्रल कॉ -ऑपरेटिव बैंक के पूर्व वाइस चेयरमैन नरेन्द्र मोहन गौतम, किसान नेता चौथमल धाकड़ ने बताया कि एक ओर से सरकार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देती है, दूसरी ओर सरकार की विरोधाभासी नीतियों के कारण समर्थन मूल्य की खरीद 1 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की गई है। किसानों के पास ऐसे में दो ही विकल्प हैं या तो वह फसली कर्ज चुकाने के लिए साहूकार के चुंगल में फंसे या फिर अपनी फसल कौड़ियों के दाम बेच दें।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai