एक्साइज ड्यूटी के विरोध में 41 दिन से बंद सर्राफा बाजार में मंगलवार को फिर से रौनक लौट आई। इस दौरान शादी-ब्याह की खरीदारी करने वाले ग्राहक बाजार में पहुंचे। उन्होंने जमकर खरीदारी की। पूरे दिन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। जिन्होंने हड़ताल से पहले ऑर्डर दे रखे थे, उन्होंने भी अपने जेवर प्राप्त किए।
जेवरात बनाने का दिया ऑर्डर
हालांकि व्यापारियों का कहना था कि हड़ताल टूटने के बाद पहले दिन व्यापारियों को जिस तरह की ग्राहकी की उम्मीद थी, उतने ग्राहक नहीं पहुंचे। शहरी ग्राहकी में भी वे ही पहुंचे हैं, जिनके घरों में निकट में शादियां हैं। राजपूत परिवार से जुड़े एक ग्राहक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने हड़ताल शुरू होने से पहले जेवरात बनाने का ऑर्डर दिया था। 80 प्रतिशत जेवरात तो वे पहले ही ले चुके थे। एक दो आइटम बाकी थे, जिसके लिए वे बाजार आए थे।
हड़ताल पर थे व्यापारी
उनका कहना था कि बाजार नहीं खुलते ताे कोई न कोई वैकल्पिक व्यवस्था करते। गौरतलब है कि एक्साइज ड्यूटी के विरोध में प्रदेशभर के व्यापारी हड़ताल पर थे और एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद व्यापारी माने और हड़ताल तोड़ी थी। इसी तरह आरकेपुरम की सुधा कुमारी ने बताया कि हड़ताल टूटने का लंबे समय से इंतजार था। उनकी सहेली को शादी में कोई अच्छा सा जेवर में गिफ्ट करना चाहती थी, लेकिन बाजार बंद होने से निराश थी। जैसे ही बाजार खुले उसने गोल्ड आइटम खरीदा।
वादा पूरा किया
विवेकानंद नगर के महेन्द्र कुमार ने बताया कि उनकी शादी की सालगिरह 3 अप्रैल को थी। हड़ताल के कारण पत्नी को गोल्ड की कोई चीज दिलाना चाह कर भी नहीं दिला पाए, परन्तु पत्नी से वादा किया था कि दुकानें खुलने पर दिला देंगे, वह वादा अब पूरा कर पाए हैं।
जेवरात बनाने का दिया ऑर्डर
हालांकि व्यापारियों का कहना था कि हड़ताल टूटने के बाद पहले दिन व्यापारियों को जिस तरह की ग्राहकी की उम्मीद थी, उतने ग्राहक नहीं पहुंचे। शहरी ग्राहकी में भी वे ही पहुंचे हैं, जिनके घरों में निकट में शादियां हैं। राजपूत परिवार से जुड़े एक ग्राहक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने हड़ताल शुरू होने से पहले जेवरात बनाने का ऑर्डर दिया था। 80 प्रतिशत जेवरात तो वे पहले ही ले चुके थे। एक दो आइटम बाकी थे, जिसके लिए वे बाजार आए थे।
हड़ताल पर थे व्यापारी
उनका कहना था कि बाजार नहीं खुलते ताे कोई न कोई वैकल्पिक व्यवस्था करते। गौरतलब है कि एक्साइज ड्यूटी के विरोध में प्रदेशभर के व्यापारी हड़ताल पर थे और एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद व्यापारी माने और हड़ताल तोड़ी थी। इसी तरह आरकेपुरम की सुधा कुमारी ने बताया कि हड़ताल टूटने का लंबे समय से इंतजार था। उनकी सहेली को शादी में कोई अच्छा सा जेवर में गिफ्ट करना चाहती थी, लेकिन बाजार बंद होने से निराश थी। जैसे ही बाजार खुले उसने गोल्ड आइटम खरीदा।
वादा पूरा किया
विवेकानंद नगर के महेन्द्र कुमार ने बताया कि उनकी शादी की सालगिरह 3 अप्रैल को थी। हड़ताल के कारण पत्नी को गोल्ड की कोई चीज दिलाना चाह कर भी नहीं दिला पाए, परन्तु पत्नी से वादा किया था कि दुकानें खुलने पर दिला देंगे, वह वादा अब पूरा कर पाए हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai