इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्री ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने बुधवार को फाउंडेशन एग्जाम का रिजल्ट घोषित कर दिया।
कोटा सीएस चैप्टर की गर्ल्स स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया मेरिट में जगह बनाई है। तीनों बेटियां टॉप 25 में आने में सफल रही हैं। कोटा टॉपर और ऑल इंडिया में 10वां स्थान हासिल करने वाली दीपाक्षी सुखवानी दादाबाड़ी की रहने वाली हैं। ईशा गोयल ने 19वीं और विनीता शर्मा ने 25वीं रैंक हासिल की। कोटा चैप्टर चेयरमैन आरके गुप्ता ने बताया कि दिसंबर अंत में हुए सीएस फाउंडेशन में कोटा चैप्टर से 136 स्टूडेंट्स बैठे थे। इनमें से 83 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्रैक करके सीएस के अगले चरण में बैठने की एलिजिबिलिटी हासिल की। ऑल इंडिया स्तर पर 25 बच्चों की मेरिट जारी की जाती है। एक मेरिट पर 1 से अधिक स्टूडेंट्स भी हो सकते हैं।
परीक्षा के समय भी कॉमेडी सीरियल देखती थीं दीपाक्षी
अमूमन एग्जाम टाइम पर अधिकांश बच्चे दिन-रात पढ़ाई में लगे रहते हैं, लेकिन सीएस फाउंडेशन में ऑल इंडिया 10वीं रैंक होल्डर दीपाक्षी उनसे अलग हैं। फाउंडेशन में जबरदस्त प्रदर्शन करके यह मुकाम हासिल करने वाली कोटा की इस बेटी ने अपनी रुचि से समझौता नहीं किया और एग्जाम के दौरान भी अपना फेवरेट सीरियल तारक मेहता का उलटा चश्मा देखती रही। वे अपने आप को एक एवरेज स्टूडेंट बताती हैं। उनका मानना है कि साधारण तरीकों से पढ़ाई करने से भी बेहतर रिजल्ट हासिल किया जाता है।
बिजनेसमैन यशपाल सुखवानी और हाउसवाइफ रेणु की बेटी दीपाक्षी ने रैंक की जगह पढ़ाई पर फोकस किया। उन्होंने बताया कि कोचिंग में पढ़ते समय क्लासेज और टेस्ट सीरिज पर फोकस किया। घर पर करीब-करीब 3 घंटे पढ़ाई करती थी। सारे लेक्चर्स में मौजूद रहती थी। सोफिया स्कूल से स्कूलिंग पूरी करने वाली दीपांशी कंपनी सेक्रेट्री की स्टडीज पर ही फोकस कर रही हैं। कॉमर्स फील्ड में रुचि शिक्षकों की वजह से बनी। उनको बैडमिंटन खेलना काफी पसंद है और साइना नेहवाल उनकी पसंदीदा खिलाड़ी हैं।
कोटा सीएस चैप्टर की गर्ल्स स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया मेरिट में जगह बनाई है। तीनों बेटियां टॉप 25 में आने में सफल रही हैं। कोटा टॉपर और ऑल इंडिया में 10वां स्थान हासिल करने वाली दीपाक्षी सुखवानी दादाबाड़ी की रहने वाली हैं। ईशा गोयल ने 19वीं और विनीता शर्मा ने 25वीं रैंक हासिल की। कोटा चैप्टर चेयरमैन आरके गुप्ता ने बताया कि दिसंबर अंत में हुए सीएस फाउंडेशन में कोटा चैप्टर से 136 स्टूडेंट्स बैठे थे। इनमें से 83 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्रैक करके सीएस के अगले चरण में बैठने की एलिजिबिलिटी हासिल की। ऑल इंडिया स्तर पर 25 बच्चों की मेरिट जारी की जाती है। एक मेरिट पर 1 से अधिक स्टूडेंट्स भी हो सकते हैं।
परीक्षा के समय भी कॉमेडी सीरियल देखती थीं दीपाक्षी
अमूमन एग्जाम टाइम पर अधिकांश बच्चे दिन-रात पढ़ाई में लगे रहते हैं, लेकिन सीएस फाउंडेशन में ऑल इंडिया 10वीं रैंक होल्डर दीपाक्षी उनसे अलग हैं। फाउंडेशन में जबरदस्त प्रदर्शन करके यह मुकाम हासिल करने वाली कोटा की इस बेटी ने अपनी रुचि से समझौता नहीं किया और एग्जाम के दौरान भी अपना फेवरेट सीरियल तारक मेहता का उलटा चश्मा देखती रही। वे अपने आप को एक एवरेज स्टूडेंट बताती हैं। उनका मानना है कि साधारण तरीकों से पढ़ाई करने से भी बेहतर रिजल्ट हासिल किया जाता है।
बिजनेसमैन यशपाल सुखवानी और हाउसवाइफ रेणु की बेटी दीपाक्षी ने रैंक की जगह पढ़ाई पर फोकस किया। उन्होंने बताया कि कोचिंग में पढ़ते समय क्लासेज और टेस्ट सीरिज पर फोकस किया। घर पर करीब-करीब 3 घंटे पढ़ाई करती थी। सारे लेक्चर्स में मौजूद रहती थी। सोफिया स्कूल से स्कूलिंग पूरी करने वाली दीपांशी कंपनी सेक्रेट्री की स्टडीज पर ही फोकस कर रही हैं। कॉमर्स फील्ड में रुचि शिक्षकों की वजह से बनी। उनको बैडमिंटन खेलना काफी पसंद है और साइना नेहवाल उनकी पसंदीदा खिलाड़ी हैं।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai