दी होलसेल क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों पर करोड़ों रुपए का हिसाब नहीं देने के मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए सोमवार को होने वाला गुप्त मतदान हंगामे के कारण टल गया। अब 4 अप्रैल को मतदान होगा।
बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमा किया था
12 मार्च को एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने कानूनी कार्रवाई पर गुप्त मतदान करवाने का निर्णय लिया गया था। इस मामले में अध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह रिम्पी भी आरोपी हैं।एसोसिएशन के सचिव गिरिराज न्याती ने बताया कि बजाज नगर आवासीय योजना के लिए कपड़ा व्यापारियों ने बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमा किए था। अध्यक्ष और अन्य पूर्व पदाधिकारियों ने 3 दिसंबर 2013 से लेकर 19 मार्च 2015 के बीच बैंक खाते से 2.52 करोड़ रुपए निकाल लिए।
ऑफिसर्स कर रहे गुमराह
कई बार पूछने पर भी जवाब नहीं दे रहे हैं। कार्यकारिणी की बैठक में भी पदाधिकारी गुमराह करते रहे हैं। सोमवार को कानूनी कार्रवाई के लिए गुप्त मतदान के दौरान पूर्व पदाधिकारी पहुंच गए और व्यवधान पैदा किया, जिससे हंगामा हो गया। अब गुप्त मतदान के पहले 2 अप्रैल को साधारण सभा की बैठक होगी। हिसाब न देने के मामले में जब भास्कर ने अध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह रिम्पी से बात की तो उन्होंने कहा कि इसका हिसाब कार्यकारिणी को बता चुके हैं। फिर भी वह संतुष्ट नहीं हैं। कार्यकारिणी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए गुप्त मतदान चाहती है। बिना साधारण सभा में प्रस्ताव पारित हुए गुप्त मतदान नहीं हो सकता।
बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमा किया था
12 मार्च को एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने कानूनी कार्रवाई पर गुप्त मतदान करवाने का निर्णय लिया गया था। इस मामले में अध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह रिम्पी भी आरोपी हैं।एसोसिएशन के सचिव गिरिराज न्याती ने बताया कि बजाज नगर आवासीय योजना के लिए कपड़ा व्यापारियों ने बैंक खाते में करोड़ों रुपए जमा किए था। अध्यक्ष और अन्य पूर्व पदाधिकारियों ने 3 दिसंबर 2013 से लेकर 19 मार्च 2015 के बीच बैंक खाते से 2.52 करोड़ रुपए निकाल लिए।
ऑफिसर्स कर रहे गुमराह
कई बार पूछने पर भी जवाब नहीं दे रहे हैं। कार्यकारिणी की बैठक में भी पदाधिकारी गुमराह करते रहे हैं। सोमवार को कानूनी कार्रवाई के लिए गुप्त मतदान के दौरान पूर्व पदाधिकारी पहुंच गए और व्यवधान पैदा किया, जिससे हंगामा हो गया। अब गुप्त मतदान के पहले 2 अप्रैल को साधारण सभा की बैठक होगी। हिसाब न देने के मामले में जब भास्कर ने अध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह रिम्पी से बात की तो उन्होंने कहा कि इसका हिसाब कार्यकारिणी को बता चुके हैं। फिर भी वह संतुष्ट नहीं हैं। कार्यकारिणी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए गुप्त मतदान चाहती है। बिना साधारण सभा में प्रस्ताव पारित हुए गुप्त मतदान नहीं हो सकता।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai