मेयर ने भवन निर्माण समिति की बैठक में रखे बिना ही दादाबाड़ी में 311 नंबर प्लॉट पर निर्माण की अनुमति दे दी। इस फाइल पर नियमानुसार एलओ और डीटीपी की रिपोर्ट भी नहीं है। फाइल उपायुक्त राजेश डागा तक पहुंची तो उन्होंने इस पर साइन करने से इंकार कर दिया। इसका खुलासा मंगलवार को हुई कार्यसमिति की बैठक में हुआ।
फाइल देखने का अधिकार नहीं
इस मुद्दे को लेकर मेयर और उपायुक्त में काफी देर तक बहस होती रही। उपायुक्त का कहना था कि फाइल अधूरी है इसलिए इसे अगली बैठक में रखा जाए। इस पर मेयर ने ये कहते हुए उनकी आपत्ति खारिज कर दी कि उपायुक्त को महापौर द्वारा पास की गई फाइल देखने का अधिकार ही नहीं है। विवाद बढ़ता देखकर आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने ये मामला अपने पास ले लिया। भास्कर ने इस मुद्दे पर मेयर से बात की तो वो गोलमोल जवाब देने लगे। गौरतलब है कि भवन निर्माण समिति के सदस्य भी इस बात पर विरोध जता चुके हैं कि मेयर ने समिति की बैठक में नई फाइलें तो रख लीं, लेकिन पुरानी फाइलों को दबा लिया। इसके अलावा बैठक में सफाई के नए ठेके, स्मार्ट सिटी के अलावा कचरा प्वाइंट पर दिन में तीन से चार बार सफाई करने का फैसला किया गया।
7 दिन में जारी होंगे सफाई ठेके के वर्क ऑर्डर
नए सफाई ठेकों के कार्यादेश 7 दिन में जारी करने व नए ठेके 6 माह में करने का फैसला किया, जिसमें श्रमिकों का भुगतान बैंक से करने की शर्त जोड़ी जाएगी। मौजूदा ठेकों में यह शर्त नहीं रहेगी। इसके अलावा चंबल गार्डन, गांधी उद्यान और डायनासोर पार्क में विकास कार्य करवाए जाएंगे।
ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जिम्मेदारी आयुक्त को
अभेड़ा से ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थानांतरित करने के मामले में चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि वन विभाग बॉयोलॉजिकल पार्क के पास ग्रीन पट्टी विकसित करे, लेकिन 2 अन्य स्थानों पर ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जगह दे। महापौर ने बताया कि वन विभाग जमीन के बदले जमीन के अलावा 6 करोड़ रुपए भी मांग रहा है। इसकी जिम्मेदारी अब आयुक्त को दी गई है।
फाइल देखने का अधिकार नहीं
इस मुद्दे को लेकर मेयर और उपायुक्त में काफी देर तक बहस होती रही। उपायुक्त का कहना था कि फाइल अधूरी है इसलिए इसे अगली बैठक में रखा जाए। इस पर मेयर ने ये कहते हुए उनकी आपत्ति खारिज कर दी कि उपायुक्त को महापौर द्वारा पास की गई फाइल देखने का अधिकार ही नहीं है। विवाद बढ़ता देखकर आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने ये मामला अपने पास ले लिया। भास्कर ने इस मुद्दे पर मेयर से बात की तो वो गोलमोल जवाब देने लगे। गौरतलब है कि भवन निर्माण समिति के सदस्य भी इस बात पर विरोध जता चुके हैं कि मेयर ने समिति की बैठक में नई फाइलें तो रख लीं, लेकिन पुरानी फाइलों को दबा लिया। इसके अलावा बैठक में सफाई के नए ठेके, स्मार्ट सिटी के अलावा कचरा प्वाइंट पर दिन में तीन से चार बार सफाई करने का फैसला किया गया।
7 दिन में जारी होंगे सफाई ठेके के वर्क ऑर्डर
नए सफाई ठेकों के कार्यादेश 7 दिन में जारी करने व नए ठेके 6 माह में करने का फैसला किया, जिसमें श्रमिकों का भुगतान बैंक से करने की शर्त जोड़ी जाएगी। मौजूदा ठेकों में यह शर्त नहीं रहेगी। इसके अलावा चंबल गार्डन, गांधी उद्यान और डायनासोर पार्क में विकास कार्य करवाए जाएंगे।
ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जिम्मेदारी आयुक्त को
अभेड़ा से ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थानांतरित करने के मामले में चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि वन विभाग बॉयोलॉजिकल पार्क के पास ग्रीन पट्टी विकसित करे, लेकिन 2 अन्य स्थानों पर ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जगह दे। महापौर ने बताया कि वन विभाग जमीन के बदले जमीन के अलावा 6 करोड़ रुपए भी मांग रहा है। इसकी जिम्मेदारी अब आयुक्त को दी गई है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai